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हैड़ाखान बाबा: हिमालय के वो आदि योगी जो स्वयं शिवत्व को प्राप्त थे

हैड़ाखान बाबा की छवि कुछ यात्राएं ऐसी होती हैं, जो न केवल हमारी आत्मा को शांति देती हैं, बल्कि हमें अपने भीतर के सच्चे स्वभाव से भी मिला देती हैं।…

भारत में पत्रकारों की स्थिति बेहद खराब, धरना, प्रदर्शन, प्रेस रिलीज छापिए, जिंदगी बची रहेगी।

सोचिए कि उस पत्रकार के घरवालों पर क्या बीतेगी जब उन्हे ये पता चलेगा कि उनका बेटा, भाई, पत्रकारिता करते हुए मारा गया और उसकी लाश को सेप्टिक टैंक में…

सोमनाथ मंदिर क्यों नहीं गए थे नेहरू? पढ़िए यहां पूरी जानकारी और खुद तय कीजिए

  राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रही हैं। तमाम खास लोगों को बाकायदा निमंत्रण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर जजमान शामिल…

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस ने क्यों ठुकराया, रणनीति या भूल?

  राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रहीं हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण पत्र बांटे जा रहे हैं। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का ये निमंत्रण कांग्रेस…

भारत के खिलाफ बोलना मालदीव को पड़ने लगा है भारी

  भारत के खिलाफ बोलना मालदीव को अब भारी पड़ने लगा है। हालात यहां तक बिगड़ गए हैं कि मालदीव की मौजूदा सरकार के खिलाफ अब अविश्वास प्रस्ताव लाने की…

बिना प्रोटोकॉल के जलती चिताएं और प्रोटोकॉल निभाने की सीख देता देश का चौकीदार

क्या होता है प्रोटोकॉल, जानते हैं आप? नहीं जानते न? बहुत सी लाशें हैं जो बिना प्रोटोकॉल के ही श्मशान तक पहुंच गईं। यूं तो लाशों की बात लिखनी तो…

काशी के बारे में भ्रांतियों से बचिए

जिस काशी को स्वयं भगवान भोले नाथ ने अपने रहने का स्थान बनाया अगर उसी काशी की राजनीतिक आइने में छवि धूमिल की जाए तो दुख होता है। काशी, बनारस,…

यहां फुटपाथ वाले बच्चे निकालते हैं अखबार, रिपोर्टर भी खुद और संपादक भी

पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने के लिए हम जाने-माने कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं और महंगी-महंगी फीस देकर डिग्रियां हासिल करते है. तब भी वह मुकाम नहीं पा पाते…

सामने आए निखिल दधीच, ट्वीटर पर हंगामे के बाद अब डरे सहमे हैं फिर भी माफी नहीं मांगेंगे

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद निखिल दधीच के एक ट्वीट को लेकर जबरदस्त हंगामा मचा था। निखिल दधीच ने एक ट्वीट कर गौरी लंकेश पर अभद्र टिप्पणी की…

वो शहनाई का जादूगर था, इंसानी जज्बातों का रखवाला भी, वो बिस्मिल्ला था

बिस्मिल्लाह खां को यूं तो पूरी दुनिया जानती है लेकिन जो लोग उनसे मिले थे वो बिस्मिल्ला खां को उनके संगीत के साथ साथ उनके इंसानी जज्बातों के प्रति संवेदनशीलता…

गौरी लंकेश ने मरने से पहले लिखा था ये लेख, ये उनके आखिरी शब्द हैं

गौरी लंकेश नाम है पत्रिका का। 16 पन्नों की यह पत्रिका हर हफ्ते निकलती है। 15 रुपये कीमत होती है। 13 सितंबर का अंक गौरी लंकेश के लिए आख़िरी साबित…

गौरी लंकेश को मार दिया गया, फिर बोधिसत्व की ये कविता क्या कह गई

गौरी लंकेश की हत्या के बाद बोधिसत्व की एक कविता  अपना शुभ लाभ देख कर मैं चुप हूँ गौरी लंकेश एक एक कर मारे जा रहे हैं लोग और मैं चुप हूँ मैं चुप हूँ इसीलिए किसी भी खतरे में नहीं मैं गौरी लंकेश ? मैं देख नहीं रहा उधर लोग मारे जा रहे हैं जिधर जिधर जहाँ आग लगी है जिधर संताप का सुराज है वह दिशा ओझल है मुझसे । सुनों गौरी लंंकेश । मैं बोलूँगा तो पद्मश्री नहीं मिलेगा मुझे मैं बोलूँगा तो पुरस्कार नहीं मिलेगा मुझे मैं बोलूँगा तो भारत रत्न नहीं बन पाऊँगा । देखो गौरी कितना…

वो महिला जो तीन तलाक की जंग जीत चुकी थी लेकिन राजीव गांधी ने उसे संसद में हरा दिया था

ये वाक्या सन 1978 का है। मध्य प्रदेश के एक वकील हुआ करते थे मोहम्मद अहमद खां। साहब हुजूर ने अपनी पहली शादी को 14 साल गुजारने के बाद दूसरी…

माटुंगा की खुशी बांटी जाए, फिर खुशी बढ़ाने की सोची जाए

महाराष्ट्र का माटुंगा रेलवे स्टेशन हाल में पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में दे दिया गया। ये देश का ऐसा पहला रेलवे स्टेशन है जिसकी सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के…

हमारे ‘सोशल’ होने का साइड इफेक्ट है ‘ब्लू व्हेल’ का ‘आदमखोर’ होना

इन दिनों ब्लू व्हेल नाम के एक ऑनलाइन गेम की दहशत से पूरी दुनिया डरी हुई है। इस गेम के दिए टास्क पूरे करने के चक्कर में दुनिया भर में…

एक पंद्रह अगस्त यहां भी मना लेकिन झंडा नहीं फहरा, बस चली ताकि बच्चियां स्कूल ना छोड़ें

कैसी कैसी दास्तां है इस देश में। अब यही दास्तां ले लीजिए जिसका जिक्र हम अपनी इस पोस्ट में करने जा रहें हैं। दरअसल राजस्थान के सीकर इलाके में एक…

अगर ट्रैफिक वाला राष्ट्रपति का काफिला रोक दे तो क्या भारत बदल जाएगा

बंगलुरु से आई खबर जितनी सुखद लगती है उतनी ही दुखद भी। ये खबर दिल को तसल्ली देती है तो सवालों की पोटली भी पीठ पर लाद देती है। हालांकि…

नहीं सुधर रहें हैं हालात, गंगा पर सिर्फ हो रही है राजनीति

दिल्ली में बंगाल की सीमा पर फरक्का बांध के बहाने बिहार की तरफ आने वाले मलबे के कारण बढ़ते गाद, उत्तर बिहार में भीषण बाढ़ और दक्षिण बिहार में सूखे…

रहें होंगे पत्रकार कभी नारद लेकिन अब शकुनि हो गए हैं

जरूरी नहीं है कि जिसकी उम्र और अनुभव अधिक हो जाए वो अपने बाल्यकाल की तुलना में अधिक पूजनीय हो जाए। भारतीय पत्रकारिता के साथ भी कमोबेश यही स्थिती है।…

भारतीय मीडिया के लिए ही नहीं, ये संकट लोकतंत्र की विश्वसनीयता का भी है

ये रिपोर्ट हैरान करने वाला कतई नहीं है। सांप बिच्छू दिखाते दिखाते भारतीय मीडिया नेताओं के भाषणों को लाइव दिखाने तक तो पहुंची। ये विकास नहीं है तो क्या है?…

तीन हेलिकॉप्टरों के काफिले में चलते प्रधानमंत्री और ठेले पर लदी गर्भवती।

इस देश के बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि इस देश का प्रधानमंत्री आसमान में भी तीन हेलिकॉप्टरों के काफिले के साथ चलता है। यही प्रधानमंत्री इस काफिले में…

ये सोनम तो बेवफा नहीं है, चाहे तो अपनी आंखों से देख लो।

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हम बुलेट ट्रेन में बैठकर पुखरायां से होकर गुजर जाएंगे, मरने वाले तो मर ही गए।

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उठती आवाजों से तसल्ली, वक्त बदलेगा जरूर

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माफ करना बिटिया रानी, हमारे पास रॉकेट है लेकिन एंबुलेंस नहीं

एक तरफ सोमवार को आंध्रप्रदेश के श्री हरिकोटा से पीएसएलवी सी – 35 की सफल लांचिंग की तस्वीरें आईं तो इसके ठीक 24 घंटे बाद उसी आंध्र प्रदेश से ऐसी…

बाप के कांधे पर बेटे की लाश और स्क्रैमजेट इंजन वाला प्रगतिशील भारत

सटीक तो नहीं पता है लेकिन शायद दुनिया में तीसरे या चौथे नंबर की अर्थवस्वस्था वाले देश का अर्धसत्य यही है कि यहां अस्पताल के बाहर बारह साल का एक…

ट्विटर, बीएमडब्लू और आठ लाख की साड़ियों के बीच दाना मांझी कहां रहा

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…तो साक्षी का पदक सिंधु के पदक से कीमती है

भारत के लिए रियो ओलंपिक में चांदी का पदक लाने वाली पी वी सिंधु की सफलता के पीछे उनके समाज का भी योगदान माना जा सकता है। सिंधु देश के…

मनमोहन ने केजरी दिया, मोदी, कन्हैया देंगे !

याद कीजिए वो दौर जब मनमोहन सिंह की सरकार पर लग रहे भ्रष्ट्राचार के आरोपों के बीच देश में एक पारदर्शी सरकार बनाने के लिए रालेगांव के अन्ना के नेतृत्व…

केजरी बाबा का एसएमएस पैक खत्म हो गया क्या !

चुनाव से पहले हर बात के लिए जनता से एसएमएस मंगाने वाले स्वघोषित महापुरुष अरविंद केजरीवाल का एसएमएस पैक अब खत्म हो गया है। अब उनके पास जनता का एसएमएस…

जनता करेगी फाइव फिंगर टेस्ट, तब देखेंगे केजरी बाबू…

मानिए या न मानिए लेकिन एहसास दिल्ली को हो रहा होगा कि अरंविद केजरीवाल को इतना बड़ा जनमत देना उनकी भूल थी। दिल्ली के विकास के लिए छटपटाने का दावा…

गंगा के लिए अब कोई भगिरथ नहीं…

कैसी विडंबना है कि इस देश की जिस जलधारा में करोड़ों सनातनियों की सहर्ष आस्था हो….जिसकी एक बूंद पर लौकिक जगत के भंवर से पार अलौकिक आनंद का मार्ग प्रशस्त…

देख दिनन के फेर…

भारतीय मीडिया के लिए अरविंद केजरीवील कई माएनों में अहम हैं…भारतीय मीडिया मजबूत हो रही है और सृजन कर सकती है इसकी पुष्टि भी अरविंद केजरीवाल कर रहे हैं…..भारतीय मीडिया…

जो गांव के प्रधान लायक नहीं वो विधायक बन गए…

क्या आपको पता है कि इस देश में एक धरना राज्य भी है। अगर जानकारी नहीं है तो खुद को अपडेट कर लीजिए। इस राज्य का नाम है उत्तराखंड। 8…

लिख दिया पेशावर

लिख दिया पेशावर दर्द, आंसू, चीख लिखना था सन्नाटा लिख दिया पेशावर । मौत, जुल्म, जिंदगी लिखना था जज्बात लिख दिया पेशावर । कॉपी, पेंसिल, हरा लिबास लिखना था इम्तहान…

आवाज उठेगी बरास्ता तुम्हारे

बनारस में इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रारंभ से जुड़े रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार नरेश रुपानी जी के आक्समिक निधन से समूचा पत्रकार जगत स्तब्ध है। नरेश रुपानी जी बनारस के सबसे चर्चित…

‘मौसेरे भाई‘ सब साथ आए

हैरानी नहीं हुई जब इस देश के तमाम राजनीतिक दल दागियों की परिभाषा तय करने और उन्हें बचाने के लिए एकजुट हो गए। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के फैसले के…

टुकड़ा टुकड़ा टूट रहा है मुलायम का सपना

यूपी के गौतम बु़द्ध नगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति के निलंबन के बाद जिस तरह से अखिलेश सरकार घेरे में आई है उससे साफ हो चला है कि देश के…

टुकड़ा टुकड़ा टूट रहा है मुलायम का सपना

यूपी के गौतम बु़द्ध नगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति के निलंबन के बाद जिस तरह से अखिलेश सरकार घेरे में आई है उससे साफ हो चला है कि देश के…

बुरके में फाइटर हीरोइन

वह पूरी तरह बुरके से ढंकी हुई है. सिर्फ आंखें और उसकी अंगुलियां देखी जा सकती हैं. जिया पाकिस्तान की नई सुपर हीरोइन हैं. अपने दुश्मनों से लड़ते समय भी…

केदारघाटी में अब उम्मीदें भी चीखने लगीं

इस मुल्क के रहनुमाओं से जितनी भी उम्मीदें थीं वह सब केदारघाटी के सैलाब में बह गईं। इंसानों की लाशों के बीच अब हमारी उम्मीदों की चीख भी सुनाई देने…

पहले आपदा ने मारा, अब सिस्टम मार रहा।

यह सच है कि उत्तराखंड में जिस तरह से प्राकृतिक आपदा आई है उसके आगे सभी आपदा राहत के काम बौने ही है। आपदा प्रबंधन मंत्रालय की सोच से भी कहीं…

अनियोजित विकास की कीमत चुकाई हमने

बादलों और पहाड़ों के नजारे करने वालों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि शांत से दिखने वाले ये बादल भी उन्हें जिंदगी का रौद्र रूप दिखा सकते हैं। केदार…

जंग लडि़ए लेकिन अपने गुनहगारों को भी पहचानिए

पत्रकारिता की नगरी कहे जाने वाले शहर बनारस में इन दिनों पत्रकारों और पुलिस में ठनी है। यहां यह अभी स्पष्ट कर दूं कि पत्रकारों से तात्पर्य टीवी माध्यम के…

बदल गया है मुस्तकबिल

नार्थ ब्लाक में चल रहा एक संवाद –  इतना हंगामा मचाने की क्या जरूरत है। आखिर ऐसा क्या हो गया। कोई तुफान आ गया? सुनामी आ गई? एक वोट से…

आजम खां चले लेक्चर देने

कितनी अजीब बात है न कि आजम खां को अमेरिका के बोस्टन में लोगान एअरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के लिए रोक लिया गया। एक भारतीय होने के नाते आप और…

जब नगरिया हो अंधेरी तो राजा हुआ न चौपट

अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बने काफी वक्त बीत चुका है। इस दौरान अखिलेश यादव दो बार बजट भी पेश कर चुके हैं। अखिलेश यादव जब देश के…

किस आदमी की बात कर रहें हैं अरविंद ?

नई दिल्ली में बिजली बिलों के मुद्दे पर अनशन पर बैठे अरविंद केजरीवाल आखिर किसी आदमी की बात कर रहे हैं ये एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यकीनन…

किस आदमी की बात कर रहें हैं अरविंद ?

नई दिल्ली में बिजली बिलों के मुद्दे पर अनशन पर बैठे अरविंद केजरीवाल आखिर किसी आदमी की बात कर रहे हैं ये एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यकीनन…

एक बार याद उन्हें भी कर लिया होता।

जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में जितनी बार नाम राहुल गांधी का लिया गया अगर उसका एक फीसदी हेमराज और सुधाकर को याद किया होता तो शायद हमें गर्व…

बोलिए बाबा राहुल की जय

राजस्थान में कांग्रेस का चिंतन शिविर चल रहा है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता इन दिनों एक साथ चिंतन शिविर के ही बहाने सही एक जगह बैठ तो गए ही…

हिना रब्बानी खार, खैरियत मनाओ कि हिंदुस्तान में गांधी पैदा हुआ था

शक्ल खूबसूरत, सीरत बदसूरत मैडम हिना रब्बानी खार कह रही हैं कि भारत युद्ध पर आमादा है। बड़ा हैरतअंगेज और हास्यास्पद बयान ये है। मैडम साहिबा को विदेश मामलों का…

दिन गलती गिनाने के नहीं पीएम साहब सबक सिखाने के हैं

ठीक ठाक से चुप रहने वाले जब पीएम मनमोहन सिंह जी ने पाकिस्तान की तरफ से हो रही बर्बरता पर मुंह खोला तो लगा कि पीएम साहब का बयान पाकिस्तानी राजदूत को…

माफ करना हेमराज इस देश के लोग तुम्हारे लिए इंडिया गेट पर नहीं आ सकते।

यकीनन ये सोच कर दुख होता है लेकिन ये सोचना तो पड़ेगा ही। एक छोटा सा सवाल है कि क्या इस देश की सरहद को सलामत रखने वालों का सिर…

चुनौतियों भरा एक साल

संभव है कि कोई ये सोचे कि इस आत्मविवेचना को सफलता भरा एक साल नाम देना कहीं अधिक उचित था। लेकिन मुझे लगता है कि सफलता से कहीं अधिक हमारे लिए…

संतोष कभी मरते नहीं…

बस 2012 के फरवरी महीने के शुरुआती दिनों में ही मुलाकात हुई थी संतोष वर्मा से। हालांकि अब मेरी धर्मपत्नी बन चुकी अलका अवस्थी उनको पहले से जानती थीं। अलका…

संतोष कभी मरते नहीं…

बस 2012 के फरवरी महीने के शुरुआती दिनों में ही मुलाकात हुई थी संतोष वर्मा से। हालांकि अब मेरी धर्मपत्नी बन चुकी अलका अवस्थी उनको पहले से जानती थीं। अलका…

सुनो प्रदीप, अब तुम मार्क्स की सोच नहीं, पूंजीवाद के वाहक हो

ये शीर्षक न सिर्फ एक प्रदीप के लिए है बल्कि उन जैसे और मुझ जैसे तमाम प्रदीपों के लिए हैं जो ये सोचते हैं कि पत्रकार बन कर समाज को…

हम नहीं हैं आदमी हम झुनझुने हैं.

अरविंद केजरीवाल ने अब लगभग पूरी तरह से राजनीति में कदम रख दिया है। अब ऐसे में सवाल ये हैं कि भारतीय राजनीति के वर्तमान हालात में अरविंद केजरीवाल के…

दिशाहीन होती जा रही है इलेक्ट्रानिक मीडिया

इक्कीसवीं सदी के भारत में मीडियावी चश्मे से देखने पर अब दो हिस्से साफ नजर आते हैं। एक है भारत जो आज भी गांवों में बसता है और दूसरा है…

संत तोड़े बाँध, सिस्टम तोड़े आस्था

गंगा की निर्मलता को लेकर इस देश में आज तक जितना पैसा खर्च हुआ है उसमें शायद उत्तराखंड में लगभग दस बड़े बांध बनाए जा सकते थे। इन बांधों से…

उत्तराखंड की हिलती बुनियाद

उत्तरखंड देवभूमि है. लेकिन यह देवभूमि आजकल परेशानियों से जूझ रही है. ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड में सब कुछ स्वर्ग सा सुंदर है और यहां की जनता को कोई परेशानी…

संपादक केबिन से बाहर बैठें तो !

मुझे नहीं पता कि संपादकों के केबिन में बैठने की परंपरा कब शुरू हुई लेकिन अगर यह परंपरा खत्म हो जाए तो अच्छा। केबिन में संपादक क्यों बैठते हैं इस…

संपादक केबिन से बाहर बैठें तो !

मुझे नहीं पता कि संपादकों के केबिन में बैठने की परंपरा कब शुरू हुई लेकिन अगर यह परंपरा खत्म हो जाए तो अच्छा। केबिन में संपादक क्यों बैठते हैं इस…

ओह देवसाहब! आप लौट आइये।

जीवन का सबसे बड़ा सच यही है कि मौत शाश्वत है। हम हमेशा इस सच से भागने की कोशिश भी करते हैं लेकिन कभी भाग नहीं पाते हैं। हिंदी फिल्मों…

ओह देवसाहब! आप लौट आइये।

जीवन का सबसे बड़ा सच यही है कि मौत शाश्वत है। हम हमेशा इस सच से भागने की कोशिश भी करते हैं लेकिन कभी भाग नहीं पाते हैं। हिंदी फिल्मों…

टच वुड

धीरे धीरे अब मौसम सर्द होने लगा है  कमरे में आने वाली धूप अब अलसा गयी है  गहरे रंग के कपड़ों से आलमारी भर गयी है  ऊनी कपड़ों से आती…

माँ अब व्यस्त है

दो-चार दिनों पहले धूप सर्द सी लगी थी पड़ोस की एक महिला ने भी बताया था कि सर्दी आ गयी है  माँ अब व्यस्त है  बक्से में रखे  कम्बल, स्वेटर और मफलर निकालने में …

हंगामा है क्यों बरपा

प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन मार्कण्डेय काटजू का भारतीय मीडिया के संबंध में दिया गया बयान आजकल चर्चा में है। हैरानी इस बात की है कि जो लोग काटूज…

कश्मीर को ज्यादा ज़रुरत है अन्ना की

पिछले दिनों कश्मीर के मुद्दे पर प्रशांत भूषण के बयान से अन्ना का किनारा कसना इस बात की ताकीद करता है कि अन्ना हजारे कश्मीर के बारे में उसी तरह…

तन का बढ़ना ठीक, मन का बढ़ना नही

दिल्ली में प्रशांत भूषण पर हुआ हमला निंदनीय है इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन हमले के पीछे की वजहों को भी तलाशना बेहद जरूरी है। आखिर क्या वजह…

वो आवाज जो हर पल साथ रहती है

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनसे आप ताजिंदगी नहीं मिलते हैं लेकिन वो लोग आपकी रोजाना की जिंदगी का हिस्सा होते हैं। जगजीत सिंह भी ऐसे ही थे। किसी नाजुक सी…

वो आवाज जो हर पल साथ रहती है

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनसे आप ताजिंदगी नहीं मिलते हैं लेकिन वो लोग आपकी रोजाना की जिंदगी का हिस्सा होते हैं। जगजीत सिंह भी ऐसे ही थे। किसी नाजुक सी…

ऐ समय

कहो तो  ऐ समय तुम क्यों हुए इतने अधीर तुम तो क्षण क्षण देखते हो ना परकोटे से भविष्य को मैं भी तो देख रहा हूं लिए तुम्हारी दृष्टि संजय तो…

ऐ समय

कहो तो  ऐ समय तुम क्यों हुए इतने अधीर तुम तो क्षण क्षण देखते हो ना परकोटे से भविष्य को मैं भी तो देख रहा हूं लिए तुम्हारी दृष्टि संजय तो…

हम लाचार साबित हो जाएंगे

एक बार अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद पिछले दस सालों में एक बार भी वहां कोई हमला नहीं हुआ जबकि अमेरिका खुले आम आतंकियों के खिलाफ जंग…

रोजाना बुनता हूँ एक ख़्वाब नया

रोजाना बुनता हूँ एक ख़्वाब नया  रख देता हूँ उसे  तुम्हारी आँखों में तुम सो जाते हो देखता हूँ तुम्हे  या शायद अपने ख्वाबों को  आँखे खोलती हो तुम  अंगडाई लेते हुए फिर मुस्कुराती हो …

क्यों भाई बुखारी, खाते इसी देश का हो न!

एक पुरानी कहावत है, मियां मुसद्दी कहते थे। जिस थाली में खाओ उसी में छेद करो। अब आप इस चक्कर में मत पडि़ये कि ये कहावत मुसद्दी ने कही थी…

मैं अनशन पर नहीं बैठा तो देशद्रोही हूं, मुझे फांसी दे दो

देश के प्रति मेरी ईमानदारी पर सवाल खड़ा कर दिया गया है। मुझे बता दिया गया है कि मैं एक देशद्रोही हूं। क्योंकि मैं अन्ना का वैसा साथ नहीं दे…