जिंदगी है यहां

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दोपहर की तपती धूप और नंगे पांव दौड़ता वो शहर, कलकत्ता जेहन में यूं उतरता है

कमल किशोर जोशी। कोलकाता को आधुनिक भारत की सबसे पुरानी नगरी कहा जा सकता है. सड़कों पर आज भी बेखौफ दौड़ती पीले रंग की...

शब्द राग – अमृता प्रीतम की वो कविता ‘मैं फिर मिलूंगी’

अमृता प्रीतम की कविता 'मैं तुम्हे फिर मिलूंगी' को सुनना अच्छा लगता है। इस तरह देखना और सुनना भी सुकून देगा। आप चाहें तो...

हर लड़की में निहित अमृता को जगाना होगा….

सत्यदेव त्रिपाठी। रींवा जैसे अपेक्षाकृत कम विकसित शहर के निवासी योगेश त्रिपाठी लिखित नाटक ‘मुझे अमृता चाहिए’ को मुम्बई के नये रंगसमूह ‘कारवाँ’ ने...

वो मां जो बच्चे को जिंदा रखने की खातिर उसे जी भर के सोने भी नहीं देती…

मैं और पूरा परिवार तो उस वक्‍त बेहद खुश था, जब यर्थाथ हमारी जिंदगी में आया. हमारी तो पूरी दुनिया ही उसके इर्द-गिर्द सिमट...

प्रकाश नामदेव ठाकरे : इतने हुए ‘मज़बूर’ कि ख़ुद्दार हो गए…

नाम है - प्रकाश नामदेव ठाकरे।  महाराष्ट्र के इतने महान संत कवि नामदेव एवं इतने बडे नेता के (बाल) ठाकरे के नामों के साथ...

पहाड़ की इन बेटियों की कहानी हमें ताकत देती है, पढ़ेंगे तो शायद कमजोरियां हारेंगी

उत्तराखंड के पहाड़ बदस्तूर जारी पलायन से वीरान होते जा रहे हैं, वहां न रोजी-रोटी का कोई संसाधन है, न शिक्षा और चिकित्सा की...

ये भी दिलचस्प दौर है, बच्चे आएं पढ़ने तो स्कूल को रंगा ट्रेन जैसा

न जाने ये कौन सा दौर है जब स्कूलों की इमारतों को दिलचस्प बनाया जाता है। पढ़ाई है तो जरूरी लेकिन पढ़ने के लिए...

कोख में बेटियों को मारने वाले मर्दों से बेहतर है बेटियों को पालने वाली ये किन्नर

उसे अपनी कोख से बेटियां पैदा करने का सुख तो नहीं मिला लेकिन बेटियों को पाल कर वो अपने मातृत्व का साया दो बेटियों...

बैंक की नौकरी छोड़कर गरीब बच्चों को पढ़ा रहीं हैं तरुणा, आइए इस खुशी में हम भी शरीक हो जाएं

हमारा समाज असंख्य प्रेरक कहानियों से भरा पड़ा है। तरुणा को ही ले लीजिए। गाजियाबाद की तरुणा यूं तो बैंक में अच्छी खासी नौकरी...

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त्रिवेंद्र का इस्तीफा रीजनल मीडिया के लिए एक सबक है, हम बीमार हो गए हैं…

  उत्तराखंड में हुआ सियासी घटनाक्रम भारत की रीजनल मीडिया के लिए एक सबक है। उत्तराखंड में रीजनल मीडिया खासी सशक्त है और अपना प्रभाव...

काशी रहस्य।। सुनो, मैं मणिकर्णिका हूं – भाग 3

  मणिकर्णिका का तिलिस्म और कालरात्रि सुनो, मैं मणिकर्णिका हूं। कल मैंने बिस्सू भैय्या और दैय्या गुरू का किस्सा सुनाया था। यकीन मानों उसके बाद पूरी...

काशी रहस्य।। सुनो, मैं मणिकर्णिका हूं – भाग 2

सुनो, मैं मणिकर्णिका हूं !!! रूप बदलती भैरवी और बाबा मसान नाथ के साधक... सुनो, मैं मणिकर्णिका हूं। उस दिन मैंने तुम्हें अपनी इस धरा के...
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