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कबीरा खड़ा बाजार

जिन्ना की तस्वीर हटा देने भर से देशभक्ति के तकाज़े पूरे नहीं होंगे, कुछ और मूर्तियां गिरानी होंगी

PRIYADARSHAN. मोहम्मद अली जिन्ना की वजह से देश दो हिस्सों में बंट गया. वे भारत विभाजन के गुनहगार हैं. उनकी मदद...
ancient image of somnath temple, gujrat, India

सोमनाथ मंदिर पर लिखा रवीश कुमार का ये लेख लंबा है, समय निकालकर पढ़ लीजिए

रवीश कुमार। 1026 में सोमनाथ मंदिर पर महमूद ग़ज़नी हमला करता है। इस घटना को लेकर आज तक नई नई व्याख्याएं...

अडानी से जुड़े ये दो वीडियो बताएंगे कि भारत का भ्रष्टाचार अब ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच गया है

ये कहानी भारतीयों के लिए शर्मसार करने वाली हो सकती है। आस्ट्रेलिया के फोर कार्नर्स मीडिया समूह के जरिए अडानी समूह...

नीरव मोदी वाले PNB और लाल बहादुर शास्त्री के PNB में फर्क तो है…एक बार की बात है…

भरोसा कहीं भी मिल सकता है और कहीं भी टूट सकता है। भरोसा बिन आधार कार्ड के देश के किसी भी...

बिक गयी ‘पद्मावत’ भंसाली की बज़ार में….

सत्यदेव त्रिपाठी।  आख़िर भंसाली के थैले से बिल्ली बाहर आ ही गयी...(द कैट इज़ आउट ऑफ भंसालीज़ बैग)!! और थैले में...

जले जिस्मों की आंच में संस्कृति और सिनेमा

सत्यदेव त्रिपाठी। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर्दे पर आने के पहले ही इतनी बेपर्द हुई कि अंत में एक...
viplav dev

महाभारत काल में इंटरनेट था और दुर्योधन का जनधन खाता मोदी सरकार ने खुलवाया था

वैधानिक चेतावनी – फालतू समय हो तभी पढ़िए। राजनीति सिर्फ संभावनाओं का नहीं भयंकर संभावनाओं का क्षेत्र है। विडंबना ये कि जो...

मृणाल पांडे के ट्वीट के बहाने प्रियदर्शन सुना गए कई किस्से, कार्टून नहीं बनना तो पढ़ना खूब रहेगा

प्रियदर्शन। मृणाल पांडे में बाकी जो भी दुर्गुण हों, वे असभ्य और अशालीन होने के लिए नहीं जानी जातीं. वे किसी रूप...
bhopal gas tragedy image by raghu rai

शरद जोशी ने बताया था, भोपाल मौत की बांहों में सिमटने लगा

यूनियन कार्बाइड का कारखाना भोपाल शहर के एक छोर पर राक्षस की तरह खड़ा दूर तक फैली बस्ती की ओर देख...

कबीर के बहाने काशी में हिंदुओं की आस्था से खेल तो नहीं रहे नरेंद्र मोदी, पूछना जरूरी है

सियासत अपने नफा नुकसान के लिए बड़ी महीन सी लकीरों को खाई में किस तरह बदल देती है ये समझना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र...

इंदिरा का लगाया आपातकाल अब भी मौजूद है, रंग बदला है और नाम भी

आज सबसे पहले बात देश के लोकतांत्रिक इतिहास में काले धब्बे की तरह माने जाने वाले आपातकाल की। 25 जून 1975 की वो तारीख...

पहाड़ की इन बेटियों की कहानी हमें ताकत देती है, पढ़ेंगे तो शायद कमजोरियां हारेंगी

उत्तराखंड के पहाड़ बदस्तूर जारी पलायन से वीरान होते जा रहे हैं, वहां न रोजी-रोटी का कोई संसाधन है, न शिक्षा और चिकित्सा की...

हर चुनाव में प्रधानमंत्री झूठ का नायाब उदाहरण पेश करते हैं…

RAVISH KUMAR. तथ्यों को कैसे तोड़ा-मरोड़ा जाता है, आप प्रधानमंत्री से सीख सकते हैं. मैं इन्हें सरासर झूठ कहता हूं, क्योंकि यह खास तरीके से डिज़ाइन...

जिन्ना की तस्वीर हटा देने भर से देशभक्ति के तकाज़े पूरे नहीं होंगे, कुछ और मूर्तियां गिरानी होंगी

PRIYADARSHAN. मोहम्मद अली जिन्ना की वजह से देश दो हिस्सों में बंट गया. वे भारत विभाजन के गुनहगार हैं. उनकी मदद से अंग्रेजों ने...