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देश की वो घटनाएं जो आप पर प्रभाव डालती हैं। जिन्हें एक अलग नजरिए से समझना भी जरूरी हो।

‘साए में धूप’ लिखने वाले कवि दुष्यंत कुमार का घर सरकार ने तोड़ दिया है, स्मार्ट सिटी में वो फिट नहीं थे।

अगर आपने दुष्यंत कुमार के बारे में पढ़ा है, उनकी रचनाएं पढ़ीं हैं तो इसका मतलब है कि आपको दुष्यंत कुमार...

इंसान के बच्चे सड़क पर पैदा हो रहें हैं और अस्पतालों में मर रहें हैं लेकिन हम गाय बचा कर खुश हैं

दो घटनाएं हमारे देश के स्वास्थ सेवाओं की बदहाली की स्पष्ट नजीर हैं। एक खबर आई कि एक महिला ने सड़क...

इसी भारत में है वो शहर, वो मकान, जहां लोग खुशी से मरने जाते हैं, मर गए तो नसीब उनका

भारत में एक ऐसी भी जगह है जहां लोग मरने के लिए जाते हैं। मौत के इंतजार में बकायदा बुकिंग कराई...

एक पंद्रह अगस्त यहां भी मना लेकिन झंडा नहीं फहरा, बस चली ताकि बच्चियां स्कूल ना छोड़ें

कैसी कैसी दास्तां है इस देश में। अब यही दास्तां ले लीजिए जिसका जिक्र हम अपनी इस पोस्ट में करने जा...

चुप रहिए, सरकार अगर भगवा हो तो बच्चियों से जिस्मफरोशी का आरोप धुल जाता है

चुप रहना हमने कब सीखा? तब जब हमने केंद्र में अपार बहुमत की सरकार बनाई या फिर तब जब हमने यूपी...

अंगुलियों पर गिनी जानी वाली मौतें अब मुट्ठियां भरने लगीं हैं

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पांच दर्जन से अधिक बच्चों की मौतें भारत के आधुनिक इतिहास में ना भूला जाना...

परमानेंट काम की तलाश में जवानी स्वाहा, अस्थायी काम ही है पीएम मोदी का दिया रोजगार

‘फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन में पूंजी से ज्यादा महत्व प्रतिभा का होगा. हाई स्किल परंतु अस्थायी वर्क रोज़गार का नया चेहरा होगा....

अगर आप अब भी नहीं मानते कि चाय वाला मीडिया को चलाता है तो ये तस्वीर आपको देख लेनी चाहिए

याद है, हो सकता है न भी याद हो क्योंकि अब इसे बार बार दोहराने की फिलहाल जरूरत नहीं है। 2014...

कवि दुष्यंत कुमार का घर तोड़े जाने के बाद बृजेश राजपूत की ये स्टोरी शून्य के और गहरे होने का एहसास कराती है

जाने माने कवि स्वर्गीय दुष्यंत कुमार का मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित घर तोड़ दिया गया है। स्मार्ट सिटी बनाने के...

बनारस में जहां नरेंद्र मोदी ने फावड़ा चलाया था वहां अब राधेश्याम मिश्र बेचैन खड़े हैं, गंगा की तो पूछिए मत

राधेश्याम मिश्र को आप जानते हैं? नहीं जानते? जानेंगे भी कैसे? वैसे जानकर करेंगे भी क्या? राधेश्याम नंगे बदन गंगा किनारे टहलते हुए नजर...

सिर्फ सानंद नहीं मरे, मरी तो उम्मीदें हैं…बिल्कुल मुर्दा जैसी…

एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चैंपियन ऑफ अर्थ का पुरुस्कार ले रहे थे तकरीबन उसी दौरान स्वामी सानंद गंगा की निर्मलता के...

‘मंटो’ : सच के आईने की त्रासदी….

मैं अपनी कहानियों को एक आईना समझता हूँ, जिसमें समाज अपने को देख सके। -और यदि सूरत ही बुरी हो, तो आईने का क्या...? -मैं सोसाइटी...

नाम क्या है तुम्हारा – आसिफ। अच्छा तो मुस्लिम हो….

 नाम -आसिफ, उम्र-25 बरस, शिक्षा-ग्रेजुएट पिता का नाम-अब्बास, उम्र 55 बरस, पेशा-पत्रकार मां का नाम-लक्ष्मी, उम्र 48 बरस, पेशा-पत्रकारिता की शिक्षिका जो नाम लिखे गये हैं, वे...

प्रकाश नामदेव ठाकरे : इतने हुए ‘मज़बूर’ कि ख़ुद्दार हो गए…

नाम है - प्रकाश नामदेव ठाकरे।  महाराष्ट्र के इतने महान संत कवि नामदेव एवं इतने बडे नेता के (बाल) ठाकरे के नामों के साथ...