इस वीडियो में महिलाओं ने ऐसी तैसी कर रखी है और आप महिला सशक्तिकरण के फेर में फंसे हैं

आपने देश में हर ओर महिलाओं के सशक्तिकरण के नारे बिखरे पड़े हैं। कोशिश करेंगे तो पुरुषों के शौचालय में भी...

हमारे समाज का दोहरा चरित्र पूजा को बी ग्रेड फिल्मों में ले गया

हम भारतीय महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं। ऊपर लिखी लाइन जब आपको पढ़ने में बहुत अच्छी लगी होगी। लेकिन सच्चाई इन लाइनों...

इसी भारत में महिलाओं को माहवारी की छुट्टी भी मिलती है और यहीं सेनेटरी पैड भी मयस्सर नहीं

हम जिस दौर में जी रहे होते हैं उसे अपने ही अतीत से हमेशा बेहतर मानते हैं। ये एक साधारण सामाजिक...

वो महिला जो तीन तलाक की जंग जीत चुकी थी लेकिन राजीव गांधी ने उसे संसद में हरा दिया था

ये वाक्या सन 1978 का है। मध्य प्रदेश के एक वकील हुआ करते थे मोहम्मद अहमद खां। साहब हुजूर ने अपनी...

माटुंगा की खुशी बांटी जाए, फिर खुशी बढ़ाने की सोची जाए

महाराष्ट्र का माटुंगा रेलवे स्टेशन हाल में पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में दे दिया गया। ये देश का ऐसा...

इरोम शर्मिला तुम जब मर जाओगी तो हम फूल चढ़ाएंगे, गोष्ठियां करेंगे लेकिन अभी माफ करो।

ब्रिटेन के पत्रकार जान टेलर ने 1969 में कहा था कि भारत एक अस्वाभाविक राष्ट्र है। जान टेलर एक ब्रिटिश पत्रकार...

कभी कभी नरेंद्र मोदी की सभा में भी कुर्सियां खाली रह जाती हैं, वो भी गुजरात में

narendra modi in public meeting
पिछले तीन सालों में हमें ऐसी आदत हो गई है मानों हम ये स्वीकार नहीं कर पाते कि नरेंद्र मोदी की सभा हो और...

शरद जोशी ने बताया था, भोपाल मौत की बांहों में सिमटने लगा

bhopal gas tragedy image by raghu rai
यूनियन कार्बाइड का कारखाना भोपाल शहर के एक छोर पर राक्षस की तरह खड़ा दूर तक फैली बस्ती की ओर देख रहा है. रविवार...

आपको हिमालय ने अब तक जिंदा रखा, आप उसे बचा भी लें तो बड़ी मेहरबानी होगी

himalayas, landscape
दुनिया में हिमालय तीसरी ऐसी जगह जहां सबसे अधिक बर्फ पाई जाती है। कहने वाले इसे नार्थ और साउथ पोल के बाद थर्ड पोल...

सोमनाथ मंदिर पर लिखा रवीश कुमार का ये लेख लंबा है, समय निकालकर पढ़ लीजिए

ancient image of somnath temple, gujrat, India
रवीश कुमार। 1026 में सोमनाथ मंदिर पर महमूद ग़ज़नी हमला करता है। इस घटना को लेकर आज तक नई नई व्याख्याएं होती रहती हैं...

हम्बख के जंगलों में पेड़ों से चिपके हैं लोग, ना जाने दुनिया का क्या होगा

इस बात की पूरी उम्मीद है कि 1973 से भारत के तत्कालीन उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) के चमोली जिले से शुरू हुए चिपको आंदोलन...