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इस सेगमेंट में पर्यावरण से संबधित पोस्ट शामिल हैं।

हम्बख के जंगलों में पेड़ों से चिपके हैं लोग, ना जाने दुनिया का क्या होगा

इस बात की पूरी उम्मीद है कि 1973 से भारत के तत्कालीन उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) के चमोली जिले से शुरू...

हिमालय के ‘शिवलिंगों’ को काटकर पता चला कि हमें गंगा को बचाना होगा

उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ों की गुफाओं में बनी शिवलिंग नुमां आकृतियां सैकड़ों वर्षों तक मौसम में हुए बदलावों का लेखा जोखा...

सद्गुरू की पर्यावरण बचाओ रैली से ही हो रहा है इतना प्रदूषण कि 80 लाख पेड़ लगाने पड़ेंगे

पर्यावरण के प्रति हमारी सोच किसी भी सूरत से बेहतर नहीं कही जा सकती है। हमारे विकास के मॉडल में ही...

इस हिमालय दिवस आपको जानना जरूरी है कि यहां तीस हजार पेड़ काटे जा रहें हैं, पहाड़ तोड़े जा रहे हैं

हिमालय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। पता नहीं आपको कब तक हिमालय दिवस की शुभकामनाएं दी जा पाएंगी। आपकी अगली पीढ़ियों के...

कबीर के बहाने काशी में हिंदुओं की आस्था से खेल तो नहीं रहे नरेंद्र मोदी, पूछना जरूरी है

सियासत अपने नफा नुकसान के लिए बड़ी महीन सी लकीरों को खाई में किस तरह बदल देती है ये समझना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र...

इंदिरा का लगाया आपातकाल अब भी मौजूद है, रंग बदला है और नाम भी

आज सबसे पहले बात देश के लोकतांत्रिक इतिहास में काले धब्बे की तरह माने जाने वाले आपातकाल की। 25 जून 1975 की वो तारीख...

पहाड़ की इन बेटियों की कहानी हमें ताकत देती है, पढ़ेंगे तो शायद कमजोरियां हारेंगी

उत्तराखंड के पहाड़ बदस्तूर जारी पलायन से वीरान होते जा रहे हैं, वहां न रोजी-रोटी का कोई संसाधन है, न शिक्षा और चिकित्सा की...

हर चुनाव में प्रधानमंत्री झूठ का नायाब उदाहरण पेश करते हैं…

RAVISH KUMAR. तथ्यों को कैसे तोड़ा-मरोड़ा जाता है, आप प्रधानमंत्री से सीख सकते हैं. मैं इन्हें सरासर झूठ कहता हूं, क्योंकि यह खास तरीके से डिज़ाइन...

जिन्ना की तस्वीर हटा देने भर से देशभक्ति के तकाज़े पूरे नहीं होंगे, कुछ और मूर्तियां गिरानी होंगी

PRIYADARSHAN. मोहम्मद अली जिन्ना की वजह से देश दो हिस्सों में बंट गया. वे भारत विभाजन के गुनहगार हैं. उनकी मदद से अंग्रेजों ने...