‘चड्ढ़ी पहन कर फूल’ खिलाने वाले गीतकार का नाम तो नहीं पता होगा, गाने वाले का तो हरगिज नहीं

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वैसे इस बात में हैरत नहीं होगी कि हममें से कइयों को चड्ढ़ी पहन कर फूल खिला है गीत की पंक्तियां लिखने वाले गीतकार का नाम नहीं पता होगा। हालांकि ये जरूर है कि हमने ये गीत जी भर गुनगुनाया होगा। गला फाड़ कर गाया होगा। वैसे ये पीढ़ी ऐसी है कि उसने मोगली को चड्ढ़ी पहने हुए देखा भी होगा और कार्यक्रम शुरु होने के पहले से लेकर खत्म होने के बाद तक यही गाना लगभग चीखने की कोशिश में गा गा कर उधम मचाई होगी। पहले बच्चे थे तो ये प्रोग्राम देखते थे और अब बच्चों के बाप बन गए फिर भी देख लेते हैं। इसके बावजूद ये नहीं पता कि ये गाना लिखा किसने।

हुजूर, नाम सुनेंगे तो इस गाने और लिखने वाले की शख्सियत को रिलेट करना जरा मुश्किल होगा लेकिन यही तो गीतकार का हुनर है। जो है वो है नहीं और जो है नही वही है। दरअसल इस गीत को लिखा है संजीदा शायरी के सरताज गुलजार साहब ने। 90 के दशक में दूरदर्शन पर जंगल बुक का प्रसारण हुआ था। ये सिरीज मूल रूप से tv tokyo पर सबसे पहले दिखाई गई थी। इसके बाद इसका पूरी दुनिया के देशों में अनुवाद कर प्रसारित किया गया। भारत में भी जंगल बुक का प्रसारण हुआ।

जंगल बुक के टाइटल सांग को लिखने का काम गुलजार को दिया गया। इसका संगीत विशाल भारद्वाज ने तैयार किया था। अब बात इस गीत को गाने वाले की। इस गीत को गाने वाले की कहानी लिखने वाले से कहीं अधिक दिलचस्प है। जंगल जंगल बात चली है गीत को गाया है अमोल सहदेव ने। अब आप कहेंगे कि ये कौन है। जी, अमोल ने जंगल जंगल गीत गाया जरूर लेकिन वो मेनस्ट्रीम सिंगर नहीं हैं। जंगल जंगल बात चली है गाना भी उनकी जिंदगी का पहला प्ले बैक सिंगिग का अनुभव था। दरअसल अमोल खुद तो संगीत की दुनिया में सक्रिय नहीं हैं लेकिन उनका परिवार संगीत में जाना माना नाम है। उनके पिता आलोक सहदेव क्लासिक म्यूजिक की दुनिया से आते हैं। अमोल को विशाल भारद्वाज जो उनके पारिवारिक मित्र हैं, ने जंगल जंगल गाने का न्यौता दिया। अमोल उस वक्त क्लास 4th में थे। मुंबई के कोलिवाड़ा केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले अमोल ने पहली बार प्लेबैक सिंगिग की और धमाल मचा दिया।

 

amol shadev with his family cout -scoopwhoop
amol shadev with his family

 

अमोल के बचपन की फोटो
अमोल के बचपन की फोटो

हालांकि इसके बाद अमोल ने बहुत अधिक सिंगिग नहीं की और फिलहाल वो एमबीए करने के बाद टाटा कम्यूनिकेशन में सीनियर मैनेजर हैं। अब अमोल अपने बच्चे को अपना गाया गाना सुनाते हैं। अमोल बहुत चकाचौंध में नहीं रहते और फिलहाल दिल्ली में हैं। लेकिन उनको भी पता है कि लोग आज भी उन्हें या जंगल जंगल का गाना गाने वाले को इंटरनेट पर तलाशते रहते हैं। वैसे यू ट्यूब पर अमोल ने अपने नाम से एक चैनल बनाया है। उसी चैनल पर उन्होंने अपने गाए गाने का वीडियो डाला है। हमने वहीं से आपके लिए शेयर किया है।

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