आतंकियों से मुठभेड़ में पति की शहादत के बाद अब पत्नी भी बन गई सैन्य अफसर, सलाम तुम्हे

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ये दास्तान एक ऐसी महिला की है जिसे देखकर हर हिंदुस्तानी का सिर गर्व से ऊंचा हो जाएगा। ये दास्तान एक ऐसी महिला की भी है जिसने इस देश की महिलाओं को गर्व से सिर ऊंचा कर जीना सिखाया है। ये दास्तान स्वाती महादिक की है।

स्वाती, स्वर्गीय कर्नल संतोष यशवंत महादिक की पत्नी हैं। यशवंत महादिक साल 2015 में जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। यशवंत के शहीद होने के बाद उनकी पत्नी ने 2016 में एसएसबी की परीक्षा पास की और चेन्नई स्थित आर्मी ऑफिसर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया। अब स्वाती के कंधों पर सेना के दो सितारे चमक रहें हैं। सेना की वर्दी में वो एक बार फिर खुद में अपने पति को महसूस कर पा रहीं हैं।

                                                               swati mahadik

स्वाती की मानें तो यशवंत का पहला प्यार उनकी वर्दी थी इसीलिए उनके लिए भी मैंने पहन ली। अब जब यशवंत नहीं रहे तो सेना की वर्दी में खुद को पाकर स्वाती यशवंत की जिम्मेदारियों को पूरा करन के लिए तैयार हैं।

संतोष यशवंत महादिक की शहादत के समय स्वाति महादिक

स्वाती ने साहस की एक नई मिसाल सामने रखी है। जब उनके पति शहीद हुए उस समय वो 36 साल की थीं। दो बच्चों की परवरिश का जिम्मा भी उनके ऊपर है। रक्षा मंत्रालय से उम्र में विशेष छूट मिलने के बाद स्वाती ने एसएसबी की परीक्षा पास की और फिजिकल के पांच राउंड सफलता पूर्वक पास किए।

2015 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में हुए आतंकियों के साथ मुठभेड़ में यशवंत शहीद हो गए थे। यशवंत को उनकी बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया।

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